भारतीय किसान यूनियन के इस नेता का अपने ही परिवारजनों हो गया संघर्ष

भारतीय किसान यूनियन के इस नेता का अपने ही परिवारजनों हो गया संघर्ष

जमीनी विवाद के चलते हुए आपसी संघर्ष में कई लोग गंभीर रूप से हुए घायल

पुलिस ने भाकियू के इस चर्चित नेता को भाइयो सहित खिलाई जेल की हवा

भाकियू नेता की गिरफ्तारी के विरोध में देर शाम तक रतनपुरी थाने में चला धरना बेनतीजा हुआ समाप्त

उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन के चर्चित नेता का अपने ही परिवार जनों के साथ चले आ रहे जमीनी विवाद ने संघर्ष का रूप ले लिया बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों में हुए इस संघर्ष में लगभग एक दर्जन के लोग घायल हुए है जिनमे कई गंभीर रूप से घायल है। जिसमे पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गुरुवार को दोनों पक्षों के पांच लोगो को शांति भंग में चालान कर जेल भेज दिया था । मगर मामला फिर भी शांत नही हुआ और शुक्रवार को दिन निकलते ही दोनों पक्षों में फिर से विवाद हो गया । विवाद के चलते भारतीय किसान यूनियन नेता कपिल सोम पक्ष ने दूसरे पक्ष के लोगो पर हमला बोल दिया जिसमें 8 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए । पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कपिल सोम और उसके भाई सहित 3 लोगो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया । वहीं इस मामले की जानकारी जब भारतीय किसान यूनियन संगठन के आल्हा पदाधिकारियों को सभी को भारतीय किसान यूनियन ने पुलिस पर एक पक्षीय कार्यवाही करने का आरोप लगाते हुए थाना रतनपुरी में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया
किसान यूनियन के प्रदर्शन की सूचना पर सीओ बुढ़ाना विनय गौतम और उप जिलाधिकारी खतौली जीत सिंह राय भी मौके पर पहुंच गए इसके साथ आसपास के कई थानों की फोर्स भी थाना रतनपुरी में पहुंच गई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को काफी समझाने का प्रयास किया मगर धरना चलता रहा देर शाम तक चला धरना बेनतीजा समाप्त हो गया
मामला जनपद मुजफ्फरनगर के थाना रतनपुरी क्षेत्र का है जहां पर पिछले कई सालों से भारतीय किसान यूनियन के युवा जिला अध्यक्ष कपिल सोम का अपनी पारिवारिक दूसरे पक्ष के बीच विवाद चला आ रहा है। इस मामले में पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक पक्ष के 3 और दूसरे पक्ष के 2 लोगो सहित कुल 5 लोगो को शांति भंग के चलते चालान कर जिन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। मगर मामला फिर भी शांत नहीं हुआ सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार की सुबह दोनों पक्षों में फिर से कहासुनी हो गयी शोर शराबा हुआ बताया जा रहा है कि भारतीय किसान यूनियन नेता कपिल सामने अपने परिवार जनों के साथ मिलकर दूसरे पक्ष के लोगों पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। जिसके दूसरे पक्ष के 8 लोग घायल हो गए जिसमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है । जिन्हें पुलिस ने उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भर्ती कराया। और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भारतीय किसान यूनियन नेता कपिल सोम और उसके भाई सहित तीन को गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया। जब इसकी सूचना भारतीय किसान यूनियन बड़े नेताओं और पदाधिकारियों को पता लगी तो उन्होंने तुरंत अपने सभी कार्यकर्ताओं को रतनपुरी थाना में पहुंचने की घोषणा कर दी और देखते ही देखते रतनपुरी थाने में भारी संख्या में किसान यूनियन कार्यकर्ता व पदाधिकारी पहुंच गए। और पुलिस पर एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए। पुलिस ने काफी समझाने का प्रयास किया फिर भी किसान यूनियन कार्यकर्ता नहीं माने और धरने पर बैठे रहे देर शाम तक चला भारतीय किसान यूनियन का धरना प्रदर्शन उस समय समाप्त हो गया जब दूसरे पक्ष के भी लोग भारी संख्या में थाने में पहुंच गए और किसान यूनियन के नेताओं से सवाल पूछने शुरू कर दिए कि क्या यही किसान है हम भी तो किसान है तो किसान यूनियन गलत लोगों का साथ क्यों देती है इस पूरे मामले में ईमानदारी से फैसला करा दे दूसरे पक्ष के किसानो के शवालो का भारतीय किसान यूनियन के किसी नेता के पास उनके सवालों के जवाब नहीं थे और फिर जेल गए लोगों को बाहर आने पर फैसला कराने की बात आपस में हुई और धरना समाप्त हो गया
सीओ बुढ़ाना विनय गौतम का कहना है कि कल दो पक्षों में विवाद हुआ था । विवाद के चलते पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों का शांति भंग में चालान कर जेल भेज दिया गया था आज फिर गांव के कुछ लोगों के उकसाने पर प्रधान पति पक्ष कपिल सोम ने दूसरे पक्ष पर जानलेवा हमला कर दिया जिसमें 8 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रधान पति भाकियू नेता कपिल सोम और उसके भाई सतेंद्र व योगेंद्र को गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया

अब सवाल ये उठता है भारतीय किसान यूनियन का नेता जो दूसरों के फैसले कराता हो मगर अपने घर का फैसला नहीं करा पा रहा उल्टा अपने ही परिवार के लोगों पर हमला कर घायल कर दिया ?..
जब लंबे समय से परिवार के बीच ही विवाद चला आ रहा है तो भारतीय किसान यूनियन के आला पदाधिकारियों से दूसरा पक्ष भी मिला होगा तब भारतीय किसान यूनियन के बड़े ने इस मामले में हस्तक्षेप क्यों नहीं किया ?….

और धरना देने से पहले भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने इस पूरे प्रकरण में जानकारी करने का प्रयास क्यों नहीं किया

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