होली चाइल्ड पब्लिक इण्टर कॉलेज, मुजफ्फरनगर के सभागार में जैविक खेती के ऊपर जैविक अपनाओं, जीवन बचाओ कार्यशाला का किया गया आयोजन

होली चाइल्ड पब्लिक इण्टर कॉलेज, मुजफ्फरनगर के सभागार में जैविक खेती के ऊपर जैविक अपनाओं, जीवन बचाओ कार्यशाला का किया गया आयोजन

मुज़फ्फरनगर :  शुक्रवार को होली चाइल्ड पब्लिक इण्टर कॉलेज, मुजफ्फरनगर के सभागार में जैविक खेती के ऊपर ‘‘जैविक अपनाओं, जीवन बचाआंें’ कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य वक्ता डॉ. आर.के. पालीवाल (आई.आर.एस.) सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ, आयोजक मास्टर विजयसिंह, अतिथि नरेश पालीवाल तथा प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
मुख्य वक्ता डॉ. आर.के. पालीवाल अपनी बात आरम्भ करते हुए बताया कि जब हम पढते थे तो अपने बुजुर्गों के साथ कार्य करते थे, जिससे हम शारीरिक एवं मानसिक रूप स्वस्थ रहते थे। अतः हमें पढाई के साथ-साथ अपने माता-पिता के कार्यों में हाथ भी बटाना चाहिए। पहले खेतों में रासायनिक खाद नाममात्र ही डाला जाता था, 99 प्रतिशत खेती कम्पोस्ट खाद पर निर्भर थी। इसलिए हमारे देश का हर नागरिक स्वस्थ और हस्तपुस्ट व दीर्घजीवी होता था, मगर वर्तमान में अत्यधिक रासायनिक खादों के प्रयोग के कारण आस-पास का वातावरण पानी, हवा सभी जहरीले हो रहे है, इससे बचने के लिए हमें जैविक खेती को अपनाना होगा। इसकी शुरूआत हम एक छोटे से हिस्से में सब्जियां उगाकर कर सकते है।
मास्टर विजयसिंह ने बताया अगर हमारा पर्यावरण ही दूषित हो जायेगा तो पूरा समाज भी अस्वस्थ हो जायेगा और बच्चे स्वस्थ नहीं रहेगें तो देश का भविष्य भी स्वस्थ नहीं रहेगा। उन्होंने जैविक खेती पर जोर देते हुए बताया कि पंजाब के शहर आबोहर फाजीलका में हर तीसरा आदमी कैंसर पीडित है, इसका मुख्य कारण है कि उस क्षेत्र में सर्वप्रथम सबसे ज्यादा कीटनाशक, रासायनिक व खतपतवारनाशक खादों का प्रयोग किया गया और सर्वप्रथम हरितक्रान्ति वहीं आयी और दूसरा नम्बर मुजफ्फरनगर का है जहां पर कीटनाशक, रासायनिक व खतपतवारनाशक खादों का अत्यधिक प्रयोग किया जा रहा है। अतः हमें पेस्टीसाइड के प्रयोग से बचना चाहिए और जैविक खेती को अपनाना चाहिए।
नरेश पालीवाल ने बताया कि जब हम पढते थे तो विज्ञान में हर विषय से पहले लिखा होता था- आओं करके सीखें अतः हमें सैंद्धातिक ज्ञान की बजाय प्रयोगात्मक ज्ञान पर अधिक जोर देना चाहिए, इससे हमें अपने अध्ययन में भी बहुत लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम के समापन पर प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया ने सभी अतिथियों को सम्मान चिह्न भेंट कर सम्मानित किया और आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आजाद सिंह, अमित धीमान, शुभम कुमार, नितिन बालियान, जितेन्द्र कुमार, बबीता अग्रवाल आदि की मुख्य भूमिका रहीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *