मुजफ्फरनगर के गांव गोयला में हुई महिलाओं की पहली पंचायत में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

मुजफ्फरनगर के गांव गोयला में हुई महिलाओं की पहली पंचायत में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

महिला पंचायत के जरिए भारतीय किसान यूनियन की महिला विंग ने भरी हुंकार

 

उत्तर प्रदेश का जनपद मुजफ्फरनगर प्राचीन काल से ही पंचायतों के लिए विशेष भूमिका निभाता आ रहा है चाहे खाप पंचायत हो या फिर सरकारों के साथ लड़ाई लड़ने वाली किसान यूनियन की बड़ी पंचायत हो … प्राचीन काल से ही जनपद मुजफ्फरनगर में हुई पंचायतों में अलग-अलग समय पर अलग-अलग बड़े निर्णय लिए गए हैं इस समय खास बात यह है कि लंबा समय बीत जाने के बाद पहली महिला पंचायत का आयोजन किया गया है। इस पंचायत का आयोजन भारतीय किसान यूनियन की महिला विंग के द्वारा किया गया है जिसमें भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत पत्नी सुनीता टिकट और खुद राकेश टिकैत भी शामिल हुए मुजफ्फरनगर के गांव गोयला में हुई महिलाओं की यह पंचायत कई मायनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है पंचायत में महिलाओं ने अपनी समस्याओं को रखा और इसके साथ ही महिलाओं की समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा हुई पंचायत के बाद भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने बताया कि आज की पंचायत का उद्देश्य महिलाओं को जागरूक करना और उनकी समस्या क्या है इस पर विचार करना महिलाओं को भारत सरकार की जो पॉलिसी आ रही है उसके बारे में बताना इन को जागरूक करना और जैसे अब जीएम सरसों आ रही है जिसको सरकार ने प्रमोट कर दिया उसके बारे में दूध की पॉलिसी और बीज के बारे में गन्ना भुगतान नहीं हो रहा उसके बारे में जो भूमिहीन किसान है मजदूर है पशु पालन करने वाली महिलाएं हैं जिन्हें पशुओं के चारे की समस्याएं हैं राशन की बड़ी समस्याएं हैं विधवा पेंशन की भी यहां समस्या है वृद्धावस्था पेंशन इनकी जितनी भी समस्याएं हैं उन पर बातचीत की गई है यहां पर एक कैंप लगवाया जाएगा इनसे फिर बातचीत करेंगे जब यहां कैंप लगाया जाएगा तो सभी महिलाएं अपनी समस्या बताएंगे उन्होंने कहा कि महिलाओं की 50% भागीदारी है इसमें सरकार भी कह रही है तो इनकी भी पंचायत होगी यह भी अपनी समस्याएं बताएंगे जो पॉलिसी बनती है उस पर बीए सबसे ज्यादा काम करती है चाहे पेड़ लगाने का काम हो या कन्या भ्रूण हत्या का हो एजुकेशन का हो या साफ-सफाई का हो तो उसको लेकर भी महिलाओं को जागरूक किया जाएगा जिसमें टिकैत को द्वारा दिए गए उस बयान के सवाल का भी जवाब देते हो बता जिसमें उन्होंने महिलाओं को कोथलियो में हरा कपड़ा देने की बात कही गई थी उस पर भी टिकैत ने कहा कि उन्होंने कहा कि हमारे यहां कपड़ों का आदान-प्रदान होता है तो इसलिए हमने कहा है कि इसमें एक हरा कपड़ा भी दे दो जो काम आएगा उन्होंने कहा कि अब महिलाएं भी आंदोलन का हिस्सा रहेंगी होली में भी महिलाओं की एक बड़ी पंचायत होगी जिसमें महिलाएं भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगी उन्होंने कहा कि नशा छुड़ाने को लेकर भी वे पॉलिसी बनाएंगे और महिलाएं ही नशा छुड़वा सकती है

इस दौरान चौधरी राकेश टिकैत ने महिलाओं के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह महिलाओं की पहली पंचायत नहीं है बल्कि इससे पहले भी महिलाओं की बड़ी आर्मी ब्रिगेड यहां हुई है जिसमें 48000 महिलाएं शामिल रही थी

महिलाओं की पंचायत के बाद क्या बोली चौधरी राकेश टिकैत की पत्नी सुनीता टिकैत

पंचायत के बाद भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत की पत्नी और भारतीय किसान यूनियन महिला विंग की मुखिया सुनीता टिकैत ने पंचायत के बाद कहा कि उन्होंने कहा कि अब महिलाओं को सब कुछ सिखाया जाएगा जो महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है सब की समस्याएं सुनी जाएगी और उनको दूर किया जाएगा सुनीता टिकैत ने कहा कि आंदोलन के चलते मेरी दादस मेरी सास भी जेल गई है हमारा तो परिवार ही क्रांतिकारी है उन्होंने यह भी कहा कि अब महिलाएं आदमियों से भी ज्यादा बढ़ चढ़कर आंदोलन का हिस्सा बनेंगे उन्होंने कहा कि अब कोथलीयों पर भी अब हरि चुन्नी आएगी

 

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