भाकियू की मासिक पंचायत में लिया गया बड़ा फैसला

भाकियू की मासिक पंचायत में लिया गया बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन की राजधानी सिसौली में आयोजित की गई भारतीय किसान यूनियन की मासिक पंचायत में किसने की भारी भीड़ देखने को मिली जिसमें हरियाणा दिल्ली पंजाब में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर बड़ा फैसला लिया गया जिसमें किसानों के जिम्मेदार लोगों के साथ बैठक की गई इसके बाद भारतीय किसान यूनियन के कार्यकारिणी की बैठक हुई बैठक के बाद निर्णय लिया गया कि 21 फरवरी को प्रदेश भर के जिला मुख्यालय पर काम बंद कर पूरी तरह से धरना प्रदर्शन और शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा जिसमें किसान अपने ट्रैक्टर और गाड़ियां लेकर जिला कलेक्ट्रेट पर पहुंचेंगे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि यह देश केवल आंदोलन से बचेगा
सरकार राजनीतिक संगठनों को अपने साथ मिल रही है उन्होंने कहा कि वे किसानों से अपील करते हैं कि वह किसान आंदोलन में हमारे साथ रहे राजनीतिक दल में जिसमें विवाह जाना चाहता हो उसे पर कोई प्रतिबंध नहीं है उनका राजनीति से कोई मतलब नहीं है उन्होंने कहा कि अगर कोई किसान सरकार का समर्थन करता है तो वह अपना 10 साल पुराना ट्रैक्टर पंपिंग सेट जमा कर दे और फिर सरकार का खुलकर समर्थन करें उनकी लड़ाई सरकार की नीतियों से है चौधरी राकेश शिकायत ने यह भी कहा कि किसान आंदोलन में टिकैत परिवार के एक सदस्य को शहीद होना पड़ेगा क्योंकि वह किसानों के लिए परिवार के एक सदस्य की शहादत देने को तैयार है किसान आंदोलन में सबसे आगे टिकैत परिवार चलेगा और उसके पीछे किस रहेंगे उन्होंने कहा कि पंचायत में फैसला लिया गया है कि 21 फरवरी को सभी जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन होगा और उसके बाद 26 और 27 तारीख को सभी किसान अपने ट्रैक्टरों के मुंह दिल्ली की ओर करके हाईवे पर खड़ा करेंगे अगर जरूरत पड़ी तो सभी किसान एक साथ दिल्ली की और कुछ करेंगे उन्होंने कहा कि हरिद्वार से मुजफ्फरनगर मेरठ गाजियाबाद होते हुए गाजीपुर तक ट्रैक्टरों की लाइन रहेगी और एक तरफ का हाईवे खुला रहेगा चौधरी राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि अगर सरकार आडवाणी की होती या मुरली मनोहर जोशी की होती या अटल बिहारी वाजपेई की होती तो वह किसने की बात जरूर सुनते यह उद्योगपतियों की सरकार है उद्योगपतियों का देश में जल्दी ही रोटी पर भी कब्जा होने वाला है उन्होंने फ्री में अनाज लेने वालों को भी नसीहत देते हुए कहा कि उद्योगपतियों की नजर अब गरीब की रोटी पर है और यह रोटी एक दिन उद्योगपतियों की तिजोरी में बंद होगी

 

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