शामली पुलिस ने किया एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश, वाहन स्वामियों को खनन अधिकारी व आरटीओ की लोकेशन देकर बदले में एक हजार लेकर 1500 रुपए तक का लेते थे सुविधा शुल्क 

शामली पुलिस ने किया एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश, वाहन स्वामियों को खनन अधिकारी व आरटीओ की लोकेशन देकर बदले में एक हजार लेकर 1500 रुपए तक का लेते थे सुविधा शुल्क

उत्तर प्रदेश के जनपद शामली में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है। जो जनपद शामली के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ( ARTO ) व खनन अधिकारी की लोकेशन खनन करने वाले वाहन स्वामियों तक पहुंचाने थे और उसके बदले उनसे 1000 रुपए से लेकर 1500 रुपए तक का सुविधा शुल्क लेकर अभियुक्त गाड़ी पास कराने का काम करते थे । यह गिरोह व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए वाहन चालकों को अधिकारियों की लोकेशन देता था। जिससे वाहन स्वामी आसानी से अपने वाहनों को अधिकारियों की आँख में धूल झोंककर जिले की सीमा पार करा देते थे। बताया जा रहा है कि व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए इस गिरोह से 91 लोग जुड़े है। शामली पुलिस ने मुख्य आरोपी वसीम को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा वसीम सहित 91 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। एसपी शामली अभिषेक के अनुसार गिरोह के सदस्य मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली, सहारनपुर सहित दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, कर्नाटक आदि राज्यों के रहने वाले हैं। जिनके खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर संबंधित थानों में सूचना दे दी है। और जल्द ही गिरफ्तारी का दावा किया है।

दरअसल पकड़ा गया आरोपी वसीम आदर्शमंडी थाना क्षेत्र के गांव टिटौली का रहने वाला है। आरोपी वसीम के मुताबिक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए वह एक गिरोह चला रहे हैं। और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए आरटीओ व खनन अधिकारी सहित जिले के अन्य अधिकारियों की लोकेशन वाहन स्वामियों को देते है। जिसका पुलिस ने संज्ञान लेते हुए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ग्रुप एडमिन वसीम को गिरफ्तार कर लिया है। उसके बाद ग्रुप से जुड़े 91 लोगों के विरुद्ध भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी वसीम के कब्जे से पुलिस ने एक बलेनो कार व एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। एसपी शामली अभिषेक ने बताया कि इसके अलावा सभी आरोपियों के विरोध संबंधित स्थानो पर पुलिस को उनके चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त करने हेतु प्रेषित कर दिया गया है। और इन सभी अभियुक्तगणों से संबंधित वाहनों के पंजीकरण निरस्त करने के लिए भी परिवहन अधिकारी को रिपोर्ट प्रेषित की गई है। इसके अलावा अभियुक्तगण द्वारा किए गए लेन देन से संबंधित बैंक खातों की जानकारी भी की जा रही है तथा उन्हें फ्रीज करने हेतु आख्या प्रेषित की जा रही है। फिलहाल पकड़े गए आरोपी वसीम को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। और इस ग्रुप से जुड़े अन्य लोगों की भी धर पकड़ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि वसीम पिछले कई सालों से अधिकारियों की लोकेशन व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से वाहन चालकों को लीक करता था। जिसके बदले वसीम व उसके ग्रुप के सदस्य मोटी रकम कमा रहे थे ।

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