गंगा मे फिर आया कैमिकल युक्त जाहरीला भारी संख्या जीव जंतुओं की मौत

गंगा मे फिर आया कैमिकल युक्त जाहरीला भारी संख्या जीव जंतुओं की मौत

साधु संतो मे भारी रोष

उत्तराखंड की कई फैक्ट्रियों से हर वर्ष गंगा में छोड़ा जाता है जहरीला पानी नहीं होती कोई कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में गंगा के किनारे बसी तीर्थ नगरी शुकतीर्थ गंगा में जहरीला पानी आने के कारण हजारों की संख्या में जीव जंतु झींगे, केकड़े व मछलियां मर गई है। पड़ोसी राज्य उत्तराखंड से गंगा में अचानक काला बदबूदार पानी आने लगा इसी के चलते गंगा में स्नान करने गए श्रद्धालु गंगा में स्नान किए बिना ही वापस लौट गए । गंगा में जहरीला पानी आने का यह पहला मामला नहीं है क्योंकि पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में कई ऐसी फैक्ट्रियां हैं जो गंगा के किनारे लगी है और उनका जहरीला पानी इसी में छोड़ा जाता है जिससे प्रत्येक वर्ष हजारों लाखों की संख्या में गंगा में रहने वाले जीव जंतु मर जा और पानी जहरीले के साथ-साथ बदबूदार भी हो जाता है
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने गंगा घाट पहुंचकर विषैल पानी के सैम्पल लिए है । वही श्रद्धालुओं ने गंगा घाट पर धरना प्रदर्शन करते हुए कार्रवाई की मांग की है

जनपद मुज़फ्फरनगर के तसंस भोपा क्षेत्र की तीर्थ नगरी शुकतीर्थ में बह रही गंगा में बृहस्पतिवार की देर रात्रि से बाणगंगा हरिद्वार की ओर से ज़हरीला पानी आने लगा। ऑक्सीजन लेवल कम हो जाने पर हजारों की संख्या में गंगा घाट पर मछली दिखाई देने लगी। शुक्रवार की सुबह श्रद्धालुओं ने गंगा घाट पर काला बदबूदार पानी देख बिना स्नान के श्रद्धालु वापस लौट गए।
वही तीर्थ नगरी के संत महात्माओं सहित घाट पंडित, पुरोहित, दुकानदारों में रोष फैल गया। प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई न होने पर पुरोहित व दुकानदारों ने नारे बाजी करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। गंगा सेवा समिति के महामंत्री महकार सिंह एवं मेनेजर देवेंद्र शर्मा ने अधिकारियों सूचना दी। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय इकाई से रवीश प्रताप व शुभम गंगा घाट पर पहुंचे और गंगा नदी से जगह जगह से जहरीला पानी के सैम्पल लिए गए। महामंत्री महकार सिंह ने बताया कि 2018, 2021 एवं 2023 नौ मार्च को भी बाण गंगा में काला बदबूदार पानी आया था। साधु-संतों सहित नगर वासियों ने धरना प्रदर्शन किया था। महामंडलेश्वर गोपाल दास महाराज ने बताया कि यह मामला लखनऊ तक गुजा था। दबाव के चलते यूपी व उत्तराखंड की संयुक्त टीम ने काला पानी के सैम्पल लिए थे, जिसमें उत्तराखंड लक्सर की उद्योग प्लांटों से काला पानी छोड़ा जाना पाया गया था। भोपा थाने पर मुकदमा दर्ज है। पवित्र जल धारा और भारतीय संस्कृति से उत्तराखंड के उद्योगपति खिलवाड़ कर रहे हैं। फैक्ट्री मालिक पर मुकदमा दर्ज होने के बावजूद भी आज तक कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हो पाई। भाजपा सरकार में यह अन्याय कब तक होता रहेगा। नगरवासी प्रधान राजपाल सैनी, सुरेंद्र चौधरी, मोनू ,धर्मेंद्र शर्मा, प्रेम शंकर मिश्रा, विनोद शर्मा ,ज्ञान सिंह सैनी, नीरज शास्त्री प्रधान, नीरज बालियान, महेश शर्मा, आचार्य अजय कृष्ण महाराज आदि ने उत्तर प्रदेश सरकार से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।

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