पूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड ने एसपी हापुड़ सहित कई पुलिस अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप उपनिरीक्षक विजय राठी मामले की में निष्पक्ष जांच की मांग

पूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड ने एसपी हापुड़ सहित कई पुलिस अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

उपनिरीक्षक विजय राठी मामले की में निष्पक्ष जांच की मांग

उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ में एसपी अभिषेक वर्मा और उप निरीक्षक विजय राठी मामला तूल पकड़ता जा रहा है जिसके चलते जनपद मुजफ्फरनगर के सोल्जर बोर्ड में पूर्व राष्ट्रीय सैनिक संस्था ने प्रेस वार्ता कर पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि प्रमेंद्र राठी निवासी ग्राम सोंटा सेना से सेवानिवृत्त है। उनका पुत्र विजय राठी हापुड़ में उपनिरीक्षक के पद पर तैनात है। उप निरीक्षक विजय राठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशानुसार खनन माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाकर कार्यवाही कर दी। मगर एसपी हापुड़ को यह बात पची नहीं पुलिस अधीक्षक ने गत 24 मई को खनन माफिया के साथ षड्यंत्र कर सीओ पिलखवा वरुण मिश्रा की झूठी रिपोर्ट बनवा कर निलंबित किया गया था। जिसके बाद उप निरीक्षक विजय राठी द्वारा पुलिस लाइन में अपनी आमद नियमानुसार करा ली गई थी। उप निरीक्षक विजय राठी के पिता प्रवेंद्र राठी का आरोप है कि निलंबित उप निरीक्षक विजय राठी उपस्थित होकर अपनी मौजूदगी लगातार दर्ज करा रहा था। उच्च अधिकारियों के आदेशा अनुसार पुलिस लाइन से कर्मचारियों द्वारा रवानगी कर दी गई थी।
पूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड के महामंत्री परमेंद्र राठी ने हापुड़ के एसपी अभिषेक वर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पुत्र विजय राठी को खनन माफिया आसिफ के खिलाफ कार्यवाही करने के कारण फसाया जा रहा है। पूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष अध्यक्ष कैप्टन सुरेश चंद त्यागी ने कहा कि इस संबंध में एसपी हापुड़ से मुलाकात करने के लिए मुजफ्फरनगर के पूर्व सैनिकों का एक प्रतिनिधिमंडल हापुड़ पहुंचा लेकिन हापुड़ के एसपी अभिषेक वर्मा ने हमसे मुलाकात नहीं की और ना ही चाय पानी के लिए पूछा। उन्होंने कहा कि हापुड़ के एसपी अभिषेक वर्मा ने हमारा अपमान किया है। विजय राठी के पिता परमेंद्र राठी ने कहा कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्यवाही नहीं की गई तो वह धरना प्रदर्शन करेंगे। रिटायर्ड सैनिकों ने एसपी हापुड़ पर गंभीर आरोप लगाए कि उन्होंने कई बिंदुओं पर अपमान किया है रिटायर्ड फौजियों का अपमान किया है वरिष्ठ नागरिक होने के नाते भी उनका अपमान किया गया है । उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में उच्च स्तरीय जांच नहीं हुई तो वह इस मामले में आंदोलन करने को मजबूर होंगे वे चाहते हैं कि फिलहाल यह मामला शांतिपूर्वक तरीके से हल हो जाए

 

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