ग्राम प्रधान की दबंगई आई सामने, ग्राम प्रधान ने प्रधानाध्यापक के साथ की अभद्रता, मारपीट, गाली गलौज, सरकारी दस्तावेज फाड़ने का आरोप

ग्राम प्रधान की दबंगई आई सामने, ग्राम प्रधान ने प्रधानाध्यापक के साथ की अभद्रता, मारपीट, गाली गलौज, सरकारी दस्तावेज फाड़ने का आरोप

उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में एक ग्राम प्रधान की दबंगई सामने आई है जिसमें थाना भोराकलां क्षेत्र के गांव हड़ौली स्थित कम अपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजीव कुमार शर्मा ने 4 अप्रैल 2023 को थाना भोराकलां में तहरीर देते हुए गांव के प्रधान प्रवेश कुमार पर दबंगई करते हुए उनके साथ मारपीट गाली गलौज और सरकारी दस्तावेज फाड़ने का आरोप लगाया है जिसमें अपने प्रार्थना पत्र में प्रधानाध्यापक संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि ग्राम प्रधान प्रवेश कुमार 3 अप्रैल को उनके विद्यालय में आए थे उनके साथ गांव के कुछ लोग भी थे ना उस समय अपने ऑफिस में था और ग्राम प्रधान ने आते ही खाने से संबंधित आरोप लगाते हुए उनके साथ गाली-गलौज करने लगा और मेरे द्वारा मना करने पर भी नहीं माना और मेज पर रखें मिड डे मील के रजिस्टर एवं छात्र की उपस्थिति रजिस्टर उठाकर चल दिया मैंने मना किया तो दोनों रजिस्टर को हाथ से फाड़कर मेज पर फेंक दिये और मेरे साथ मारपीट करने लगा शोर सुनकर स्कूल में उपस्थित अध्यापक भी वहां आ गए जिसके बाद ग्राम प्रधान जान से मारने की धमकी देता हुआ मौके से चला गया प्रधानाध्यापक संजीव कुमार शर्मा की तहरीर पर थाना भोराकलां पुलिस ने आरोपी ग्राम प्रधान प्रवेश कुमार के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 332, 353, 504, 506 और 427 में मुकदमा दर्ज करते हुए छानबीन शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार घटना के बाद पुलिस ने अभी तक आरोपी ग्राम प्रधान को गिरफ्तार नहीं किया है बताया जा रहा है कि प्रधान की दबंगई के चलते विद्यालय का स्टाफ भयभीत है जिसमें पीड़ित प्रधानाध्यापक संजीव कुमार शर्मा की भी तबीयत बिगड़ गई थी जिसके चलते व मेडिकल पर चले गए हैं। वही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला भी इस मामले में लीपापोती में जुटे हुए हैं जिसके चलते बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला ने आरोपी ग्राम प्रधान प्रवेश कुमार कश्यप और विद्यालय के स्टाफ को अपने कार्यालय पर बुलवाया जिसमें दोनों पक्षों की बातचीत सुनी गई मगर यह बैठक भी बेनतीजा ही खत्म हो गई क्योंकि पीड़ित प्रधानाध्यापक संजीव कुमार मेडिकल पर जाने के कारण इस बैठक में शामिल नहीं हो पाए एक अध्यापक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बेसिक शिक्षा अधिकारी उनके अधिकारी है वह उनके अंडर में काम करते हैं इसलिए इस मामले में हम अधिकारियों का सामना नहीं कर पाते लेकिन सच्चाई हमने अधिकारी के सामने बता दी है। वही इस बैठक में विद्यालय में तैनात दो महिला अध्यापिका भी बुलाई गई थी बैठक के बाद उन्होंने कहा कि वह अधिकारी के निर्देशन में काम करते हैं मगर वह पीड़ित अध्यापक के साथ है। गौरतलब है कि आरोपी ग्राम प्रधान सत्तारूढ़ पार्टी के लोगों के संपर्क में है जिस कारण उसके खिलाफ कार्यवाही नहीं हो रही है यही कारण है कि बेसिक शिक्षा अधिकारी भी कहीं ना कहीं शिक्षकों पर ही दबाव बनवा कर फैसला करवाना चाह रहे हैं हालांकि इस दौरान बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया था जिसमें पुलिस ने यह मामला दर्ज किया है यह एक जांच का विषय है उन्होंने भी दोनों पक्षों को बुलवाया है और बातचीत के बाद ही सच्चाई का पता चलेगा हमने वहां खंड शिक्षा अधिकारी को भेजा था प्रथम दृष्टया जांच में मारपीट का कोई मामला सामने नहीं आया है पूरे घटना की जानकारी की जा रही है अगर यह घटना सत्य है तो उसी आधार पर कार्यवाही की जाएगी उनके लिए अध्यापक और प्रधान दोनों ही एक समान हैं
इस मामले में आरोपी ग्राम प्रधान प्रवेश कुमार कश्यप ने मीडिया के सामने कहा कि मैं दबंग नही हूं और इनके अलावा उन्होंने कुछ भी बताने से साफ इनकार कर दिया हालांकि ग्राम प्रधान के साथ आए समर्थक इस घटनाक्रम को राजनीति से जोड़कर बता रहे हैं

 

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