बिजली कर्मियों की हड़ताल के चलते कई विद्युत सबस्टेशनों पर बिजली आपूर्ति चरमराई, कई उद्योग ठप्प, व्यवस्था करोड़ो का व्यापार प्रभावित

बिजली कर्मियों की हड़ताल के चलते कई विद्युत सबस्टेशनों पर बिजली आपूर्ति चरमराई

कई उद्योग ठप्प, व्यवस्था करोड़ो का व्यापार प्रभावित

उत्तर प्रदेश में विद्युत कर्मियों की हड़ताल के चलते कई स्थानों पर विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था चरमरा गई है जनपद मुजफ्फरनगर की बात करें तो जनपद मुजफ्फरनगर में भी कई विद्युत सब स्टेशन हड़ताल की चपेट में आ गए हैं जिसमें मुख्य रुप से तीन विद्युत सबस्टेशनों की व्यवस्था ठप होने के कारण कई औद्योगिक इकाइयां इसकी चपेट में आ गई हैं जिसके चलते कई औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन ठप हो गया है। भले ही सरकार द्वारा काम को प्रभावित करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ एस्मा लगाने चेतावनी दी हो मगर उसके बावजूद भी बिजली कर्मचारियों कि ड्यूटी पर न जाने और फोन बंद करने जैसी शिकायतें आ रही है ।
मुजफ्फरनगर में विद्युत कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कई विद्युत सब स्टेशनों की आपूर्ति लड़खड़ा गई है जिसमें शहर के नुमाईश कैंप कॉलोनी स्थित विद्युत विभाग के कार्यालय पर दो दिनों से जिले भर के विद्युत कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हुए है। विभिन्न मांगों को लेकर विद्युत विभाग के कर्मचारी विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले 72 घंटों की हड़ताल पर है, जिनकी वजह से बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। विद्युत व्यवस्था चरमराने की वजह से मुजफ्फरनगर के औद्योगिक क्षेत्र में पड़ने वाले सभी स्टेशन जैसे मखियाली, निराना , और जैन मंदिर वहलना सब स्टेशनों पर आपूर्ति बंद होने का कारण कई औद्योगिक इकाइयां ठप हो गई है जिसके चलते करोड़ों रुपए का व्यापार प्रभावित हुआ है इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष विपुल भटनागर ने बताया कि विद्युत व्यवस्था लड़खड़ा ने की वजह से कई औद्योगिक इकाइयां प्रोडक्शन नहीं कर पा रही है जिस वजह से करोड़ों रुपए का व्यापार प्रभावित है
जानकारी के अनुसार कई अन्य स्थानों पर बीती रात से बिजली गुल है। बुढ़ाना, शाहपुर, सिसौली, सिसौना और जानसठ समेत कई ग्रामीण इलाके पूर्ण रूप से प्रभावित है। भोपा रोड 32 केवी बिजलीघर से निकली वाली पॉवर सप्लाई दो दिन से खराब पड़ी है। हड़ताल की वजह से कोई भी कर्मचारी फाल्ट ठीक करने में रूचि नहीं दिखा रहा है, जिस कारण भोपा रोड की अधिकतर औद्योगिक इकाई बंद पड़ी है। आईआईए के अध्यक्ष विपुल भटनागर ने बताया कि फाल्ट ठीक नहीं होने की वजह से फैक्ट्रियां बंद पड़ी है। बिजली विभाग के अधिकारी फोन भी नहीं उठा रहे है। जिस कारण बहुत दिक्कत हो रही है।
आपको बता दें कि ओबरा और अनपरा की नई ईकाइयों को एनटीपीसी को देने और पारेषण के निजीकरण को लेकर विद्युत कर्मचारियों में भारी विरोध है। जिस पर गत दिनों हुए समझौते को लागू नहीं करने की वजह से विद्युतकर्मी 72 घंटे की हड़ताल है। चरमराई विद्युत व्यवस्था को लेकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने प्रदर्शन खत्म कर काम पर लौटने की अपील की थी, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं झुके। जिसके बाद राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारियों को एस्मा और एनएसए की कार्रवाई करने की भी चेतावनी जारी की है, मगर कर्मचारी किसी भी हालत में झुकते नजर नहीं आ रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वो झुकने वाले नहीं है। अगर जेल भी जाना पड़ा तो वो जेल भी जाने को तैयार है

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