समस्याओं का हो समाधान नहीं तो उतरेंगे सड़कों पर – प्रमोद

समस्याओं का हो समाधान नहीं तो उतरेंगे सड़कों पर – प्रमोद


नावला में नरेश कश्यप के आवास पर आंदोलन जनकल्याण की एक पंचायत हुई। पंचायत में किसानों, मजदूरों और भट्टा मालिकों ने भाग लिया। आंदोलन जनकल्याण के संयोजक प्रमोद कुमार ने कहा कि हित धारको की बिना राय – मशवरे के बंद कमरों में बैठकर अव्यावहारिक कानून बनाना बंद करें अधिकारी और सरकार। अगर सरकार को कोयले पर प्रतिबंध ही लगाना है तो सिर्फ सर्दियों के महीनों में लगना चाहिए ना कि उन महीनों में जब मौसम साफ और हल्का गर्म हो जाने से प्रदूषण की कोई समस्या नहीं रहती। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि पहले आपने ईट भट्टों को हाई ड्राफ्ट जिगजैग में परिवर्तित करवाया फिर एनसीआर में समय सीमित किया और अब कोयला बंद कर आखिरकार क्या सरकार लोगों को सड़क पर लाना चाहती है ? पंचायत में मौजूद सभी लोगों ने एक सुर में सरकार को चेताया कि या तो भट्टों पर जीएसटी बढ़ोतरी को वापस लेने , सस्ती दर पर कोयला उपलब्ध कराने और उसके इस्तेमाल पर लगे प्रतिबंध की समस्या का समाधान हो नहीं तो वे लोग सड़कों पर उतरेंगे।
पंचायत में मौजूद किसान अजय पाल भैंसी, पूर्व प्रधान नरेंद्र त्यागी, डॉ रहमान और पूर्व प्रधान सुरेश सैनी ने आवारा पशुओं की समस्या पर अपनी बात रखी। इस पर आंदोलन जनकल्याण के संयोजक प्रमोद कुमार ने कहा कि गौशालाओं में पशुओं की दयनीय स्थिति है। उन्होंने सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि गौशालाओं का व्यवहारिक बजट और उनके रखरखाव पर ध्यान दिए बिना मात्र पशुओं को गौशालाओं में डाल देना समस्या का हल नहीं है। सभी उपजिलाधिकारी और पशु चिकित्सक गौशालाओं का नियमित निरीक्षण करें और यह भी सुनिश्चित होना चाहिए कि कोई भी पशु भूखा प्यासा ना मरे।
पंचायत में करणवीर प्रधान, पूर्व प्रधान सुरेश सैनी, अजयपाल भैंसी, सुधीर त्यागी, नरेंद्र त्यागी, रामफल, दलसिंह, गोविंद, गंगाराम और काफी संख्या में अन्य मजदूर और महिला शामिल हुए।

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