महिला लेखपाल ने दिव्यांग दंपत्ति की जमीन पर बैठकर सुनी समस्या

महिला लेखपाल ने दिव्यांग दंपत्ति की जमीन पर बैठकर सुनी समस्या

इंसानियत की मिसाल की कायम
जनपद मुजफ्फरनगर में तहसील में चल रहे समाधान दिवस के दौरान एक महिला लेखपाल ने दिव्यांग दंपत्ति की समस्या उनके पास जमीन पर बैठकर सुनी तो पीड़ित दिव्यांग दंपत्ति हैरान हो गए कि कोई ऐसा भी सरकारी कर्मचारी हो सकता है जो उनके पास बैठकर उनकी समस्या सुने और उसका समाधान भी कराने का प्रयास करें
दरअसल शनिवार को जनपद मुजफ्फरनगर की सदर तहसील पर एक ऐसा नजारा देखने को मिला जो एक इंसानियत भरा माहौल पैदा कर दे थाना नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव बझेड़ी निवासी महिला अफसाना अपने दिव्यांग पति और दो छोटे-छोटे बच्चों के साथ तहसील समाधान दिवस में अपनी समस्या बताने के लिए आई थी जैसे ही यह दंपत्ति लेखपाल के कक्ष में दाखिल हुए तो शेरपुर हल्के की महिला लेखपाल रेशू अग्रवाल का मन पसीज गया जिसके बाद महिला लेखपाल रेशू अग्रवाल ने दिव्यांग दंपत्ति के पास बैठकर ही उनकी समस्या सुनी और उसका समाधान करने का भी आश्वासन दिया दिव्यांग दंपत्ति अपने आय और जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आए थे जिसको लेखपाल ने जल्द ही बनाने का आश्वासन दे दिया और दिव्यांग दंपत्ति महिला लेखपाल को दुआएं देते हुए अपनी ट्राई साइकिल पर सवार होकर वापस अपने गांव को लौट गए जिसने भी तहसील में दिव्यांग दंपति के साथ महिला लेखपाल को जमीन पर बैठे देखा तो वही हैरान नजर आया क्योंकि आज के समय में बहुत कम अधिकारी और कर्मचारी नजर आते हैं जिन में इंसानियत नजर आती हो इस महिला लेखपाल ने तहसील में ऐसी मिसाल पेश कर दी जिसे देखकर लगता है कि अगर ऐसे कर्मचारी सरकारी विभागों में हो तो शायद लोगों को दर-दर की ठोकरें ना खानी पड़े यह नजारा मीडिया के कैमरे में भी कैद हो गया,  ग्रामीण वायस भारत बातचीत करते हुए लेखपाल रेशु अग्रवाल ने कहा कि पहले वह इंसान हैं और उसके बाद सरकारी कर्मचारी कोई पीड़ित उसके पास आया तो उस का फर्ज बनता है कि उसकी समस्या सुने और उसका समाधान करें

 

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