पत्रकारिता में सत्यता, निर्भयता तथा समाधानपरक बनने के लिए आध्यात्मिक प्रकाश जीवन में अत्यंत आवश्यक-प्रोफेसर संजय द्विवेदी

पत्रकारिता में सत्यता, निर्भयता तथा समाधानपरक बनने के लिए आध्यात्मिक प्रकाश जीवन में अत्यंत आवश्यक-प्रोफेसर संजय द्विवेदी

मुजफ्फरनगर : ब्रह्माकुमारीज दिव्य अनुभूति धाम, बामनहेडी (रामपुर तिराहा) में समाधान मूलक पत्रकारिता से स्वर्णिम भारत की ओर विषय के अंतर्गत मीडिया कर्मियों के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली से आईआईएमसी के महानिदेशक प्रोफेसर संजय द्विवेदी ने अपने ऑनलाइन वक्तव्य में वर्तमान परिस्थितियों में समाधानमूलक पत्रकारिता को अपनाने पर जोर दिया। पत्रकार एवं मीडियाकर्मी तनावग्रस्त रहते हैं, जिसका प्रभाव उनके तन और मन पर पड़ता है।
दिल्ली से पधारे ब्रह्माकुमारीज के मीडिया प्रभारी राष्ट्रीय संयोजक राजयोगी ब्रह्माकुमार सुशांत कुमार ने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान को जीवन में लाने से सकारात्मकता, आत्मविश्वास, धैर्यता तथा निर्भयता का गुण सहजता से प्राप्त होता है। राजयोग का अभ्यास हमें मानसिक रूप से सशक्त बनाता है और यथार्थ रूप से समाधानमूलक पत्रकारिता से व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक परिवर्तन संभव है।
मोहननगर गाजियाबाद से आई ब्रह्मा कुमारी लवली दीदी ने आध्यात्मिक ज्ञान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वयं की पहचान, परमात्मा की पहचान तथा कर्मों की गुह्य गति का ज्ञान होना आवश्यक है। राजयोग का अभ्यास हमें मन से सशक्त, बुद्धि से जागृत तथा संस्कारों को परिवर्तन कर दैवीय बनाता है।
मीडिया प्रभाग की दिल्ली एनसीआर की क्षेत्रीय संयोजिका राजयोगिनी सुनीता दीदी ने अपने आशीर्वचन में सभी के संपूर्ण स्वास्थ्य की कामना करते हुए समाधानमूलक पत्रकारिता से सामाजिक परिवर्तन की कामना की।
दिव्य अनुभूति धाम की निर्देशिका राजयोगिनी जयंती दीदी ने गहन राजयोग की अनुभूति कराई और सबका धन्यवाद किया।
ब्रह्माकुमार रमेश भाई ने भारतीय वायु सेना में सेवा करते हुए आध्यात्मिक ज्ञान एवं राजयोग से खुशनुमा जीवन के अनुभव को साझा किया।
दिल्ली से आए ब्रह्माकुमार गणेश भाई ने मंच संचालन कुशलतापूर्वक किया तथा बीके केतन कर्णवाल ने सभी का स्वागत किया। इस अवसर पर पूर्व पालिकाध्यक्ष डा. सुभाषचन्द्र शर्मा, रवि गौतम समेत जनपद के वरिष्ठ पत्रकारों ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में एडवोकेट टीसी रावत, बीके आदेश, बीके कपिल, बीके तारा, बीके उर्मिल, बीके मंजू बहन आदि का सहयोग रहा।

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