सरकार का कर्ज आम आदमी का मर्ज – प्रमोद

सरकार का कर्ज आम आदमी का मर्ज – प्रमोद


आंदोलन जनकल्याण की एक बैठक जानसठ तहसील के गांव सिखरेड़ा में दिनेश चौधरी के आवास पर संपन्न हुई। आंदोलन जनकल्याण के संयोजक प्रमोद कुमार ने सरकार को चेताते हुए कहा कि डॉ बीआर आंबेडकर ने 1949 की संविधान सभा की बहस में कहा था कि सरकारों को मनचाहा कर्ज उठाने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज विडंबना यह है कि संविधान निर्माताओं की सोच के उलट सत्ता संघर्ष में सभी पार्टियों के बीच मुफ्त खोरी को बढ़ावा देने की होड़ मची है और सरकारों की गलत आर्थिक नीतियों की वजह से देश सार्वजनिक कर्ज़ों के बोझ में दबा जा रहा है

राजनीति सेवा की बजाय मेवा का साधन बनने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि विधायक, सांसद निधि और माननीयों की पेंशन के एक बड़े आर्थिक बोझ और राजकोषीय कुप्रबंधन का खामियाजा देश की जनता महंगाई के रूप में चुका रही है। प्रमोद कुमार ने आगे कहा कि 10 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में देशभर के भट्टा मालिकों ने जीएसटी और कोयले के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी के विरोध स्वरूप विशाल धरना प्रदर्शन किया था जिस पर अभी तक सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं की गई। उन्होंने भट्टा मालिकों के मुद्दे पर सरकार से संवेदनशीलता दिखाने की बात कही। सभी किसानों ने एक सुर में प्रदेश सरकार से 450 रुपये कुंतल गन्ना मूल्य घोषित करने की मांग की। सुशील कुमार ने खतौनी पर हिस्सा प्रमाण पत्र दर्ज होने की मांग उठाई। बैठक का संचालन बलराम तायल ने किया। बैठक में राजपाल सिंह, करणवीर प्रधान, सुखेंद्र सिंह, प्रदीप तोमर, देवेंद्र, मिलाप सिंह, राजवीर सिंह, जयपाल सिंह, सुशील, जहारिया पाल, मनीराम, दीपक, समर पाल, मिंटू, आदेश ककरोली आदि मौजूद रहे।

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